महिलाओं का ऐसा नेचर करता है पुरुषों की आदत बिगाड़ने का काम
पुरुष भले ही बताते या जताते नहीं, लेकिन वो अपने ज्यादातर कामों के लिए महिलाओं पर ही डिपेंड होते हैं। सुबह की बेड टी से लेकर रात को सोने तक उन्हें पार्टनर की जरूरत होती है और ये जरूरत धीरे-धीरे आदत में बदल जाती है। कई बार रिलेशनशिप के लिए यह सही नहीं होती। इसलिए कोशिश करें जिम्मेदारियों को साथ-साथ निभाने की..
सामान सही रखना
अपने गंदे जूते और मोजों को घर में कहीं भी उतारना, गीली टॉवेल बेड पर रखना, टीवी के रिमोट और कुशन कवर को कहीं भी रख छोड़ना, पुरुषों की आदत का एक हिस्सा होता है। घर की महिलाएं, घर को सजाए रखने के लिए इन बिखरी हुए चीजों को संवारती हैं। जूते-मोजों को उनके सही जगह पर रखती हैं। जिससे उन्हें ढूंढ़ने में ज्यादा परेशानी न हो लेकिन पुरुषों को इस चीज की आदत पड़ती जाती है और वो रोजाना बिंदास होकर घर को ऐसे ही बिखेरते रहते हैं।
बर्थडे, एनिवर्सरी याद दिलाना
पुरुषों से इस बात की एक्सपेक्टेशन कभी नहीं कर सकते कि उन्हें बर्थडे और एनिवर्सरी डेट याद हो। अपना ही नहीं वो फैमिली में भी किसी का याद नहीं रखते। इस चीज के लिए वो पूरी तरह से अपने पार्टनर मतलब वाइफ पर डिपेंड होते हैं। तो आपकी ये अच्छाई भी पतियों की आदत बिगाड़ने का काम करती है।
अपसेट मूड सही करना
पुरुष अपनी फिलिंग्स अपने खराब मूड को एक्सप्रेस करना पसंद नहीं करते लेकिन पत्नियां उनके इस मूड को आसानी से भांप लेती हैं और हर वो कोशिश करती हैं जिससे उन्हें रिलैक्स किया जा सके। लेकिन कभी-कभार उन्हें भी इस सेवा का मौका दें। वरना हर बार रूठने और अपसेट होने पर वो आपसे ही मनाने की एक्सपेक्टेशन करेंगे।
वार्डरोब संवारना
सुबह ऑफिस की भागदौड़ के साथ, कभी मीटिंग, कभी इंटरव्यू तो कभी ऑफिस का गेट—टूगेदर। अपने आप को बेस्ट दिखाने के लिए शर्ट और टी-शर्ट सेलेक्ट करने में वक्त तो लगाते ही हैं साथ ही कपड़ों की भी भरमार लगा देते हैं। लेकिन आपकी बीवी हर रोज आपकी अलमारी को वैसे ही अच्छे से मेनटेन कर देती है जिससे अगली सुबह आपको जरूरत की चीजें आसानी से मिल सकें, लेकिन वहीं दूसरी ओर ऐसा करने से पुरुष भी बेफ्रिक होकर रोजाना वॉर्डरोब की हालत खराब करते रहते हैं।
मनपसंद खाना बनाना
पति की मनपसंद डिश बनाने का काम सिर्फ महिलाओं ही करती हैं, पुरुष तो ऐसा कभी नहीं करते। क्या सिर्फ पुरुषों के ही दिल का रास्ता पेट से होकर जाता है महिलाओं का नहीं? बेशक महिलाएं को होम मेकर कहा जाता है, लेकिन ऐसा कहीं नहीं लिखा होता कि पुरुष खाना नहीं बना सकते। तो इस चीज की पतियों को आदत न डालें और कभी-कभार किचन में उनकी मदद लें।
जगह पर सामान रखना
पुरुषों का दिन शुरू ही अपने सामान को ढूंढ़ने से होता है। सबसे खास बात होती है कि वही चीज जो उस जगह पर उन्हें ढूंढ़ने से नहीं मिलती जब वाइफ ढूंढ़ती है तो चीजें आसानी से और वहीं पड़ी हुई मिलती हैं। यहां भी महिलाएं ही दोषी मानी जाएंगी। उन्हें पुरुषों को अपना काम खुद से करने का मौका देना चाहिए।
फाइनेंशियल हेल्प
जब घर की महिला वर्किंग होती है तो कहीं न कहीं पुरुषों को बैकअप सपोर्ट की गारंटी रहती है। वो फाइनेंशियली ज्यादा टेंशन नहीं लेते। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि घर के ज्यादातर खर्चों में महिलाएं ही आगे रहें। समय-समय पर पति से घर के लिए जरूरी खर्चे जरूर लें वरना उन्हें पैसे न देने की आदत पड़ जाएगी जो आपके लिए बुरा भी हो सकता है।
सुपरवुमन का खिताब
वो आपका घर, आपका परिवार, आपके बच्चे यहां तक कि आपके ऑफिस की परेशानियों को भी संभालती है। हर मुसीबतों का सामना वो खुद ही अकेले-अकेले करती है जिससे आप शांति से अपना काम कर सकें। लेकिन कभी-कभार पुरुषों से भी घर का काम करवाएं वरना वो आपके सुपरवुमन के कैरेक्टर को नहीं समझ पाएंगे।
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